प्रेम और ईश्वर और पूजा ःसच्चिदानंद पडरौना कुशीनगर sachchidanand jaiswal poojapati padrauna kushinagar pooja

बनते बनते आप ईश्वर के तरह हो गए
हम आपको छू नहीं सकते
देख नहीं सकते
और पा भी नहीं सकते हैं।
साथ ही आपको सदा अपने साथ प्रतीत करते हैंऔर सबसे बड़ी बात
आपके बिना जी भी तो नहीं सकते।।।
आप ईश्वर के सदृश पूज्यनीय हो गई।।।।।
ओम पूजवे नमः।
राम राम राम राम राम राम राम राम

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